झारखंड

हजारीबाग में खास महाल भूमि सर्वे की समीक्षा, 25 सितंबर तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

Kavita2
17 Sept 2026 2:26 PM IST
हजारीबाग में खास महाल भूमि सर्वे की समीक्षा, 25 सितंबर तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
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हजारीबाग। हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में बुधवार को खास महाल भूमि से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रहे खास महाल भूमि सर्वेक्षण की प्रगति, सर्वे प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति और पुनर्ग्रहित भूमि से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।

उपायुक्त ने अधिकारियों से क्षेत्रवार सर्वे कार्य की जानकारी ली और निर्देश दिया कि तय प्रक्रिया के अनुसार सर्वेक्षण कार्य को जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वे पूरा होने के बाद इसकी समेकित रिपोर्ट 25 सितंबर तक जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।

खास महाल भूमि सर्वे की प्रगति पर चर्चा

बैठक के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे खास महाल भूमि सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने उपायुक्त को अब तक हुई प्रगति और सर्वे प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी दी।

उपायुक्त ने कहा कि खास महाल भूमि से जुड़े मामलों के समाधान के लिए सही और अद्यतन रिकॉर्ड तैयार होना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण के दौरान सभी आवश्यक बिंदुओं का ध्यान रखा जाए और प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाए।

समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश

उपायुक्त हेमंत सती ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट जिले में खास महाल भूमि से जुड़े मामलों के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसलिए रिपोर्ट को पूरी जांच और आवश्यक तथ्यों के आधार पर तैयार किया जाए।

25 सितंबर तक देनी होगी समेकित रिपोर्ट

बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी क्षेत्रों से प्राप्त सर्वे रिपोर्ट को एकत्रित कर समेकित रिपोर्ट तैयार की जाए और इसे 25 सितंबर तक जिला प्रशासन को सौंपा जाए।

उन्होंने कहा कि समय पर रिपोर्ट मिलने से आगे की कार्रवाई और भूमि प्रबंधन से जुड़े निर्णय लेने में सुविधा होगी।

पुनर्ग्रहित भूमि पर अतिक्रमण की समीक्षा

बैठक में पुनर्ग्रहित खास महाल भूमि पर अतिक्रमण के मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से ऐसे मामलों की जानकारी ली गई और वर्तमान स्थिति पर चर्चा हुई।

उपायुक्त ने कहा कि सरकारी भूमि की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अतिक्रमण से जुड़े मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।

भूमि रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने पर जोर

खास महाल भूमि से जुड़े मामलों में रिकॉर्ड का सही और व्यवस्थित होना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। बैठक में भूमि रिकॉर्ड को अपडेट रखने और सर्वेक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सर्वे के दौरान जमीन से संबंधित सभी दस्तावेजों और वास्तविक स्थिति का मिलान किया जाए।

अधिकारियों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश

उपायुक्त ने बैठक में मौजूद सभी संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़े मामलों में लोगों की समस्याओं का समाधान भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य खास महाल भूमि से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित करना और लंबित मामलों का उचित समाधान करना है।

प्रशासन की नजर भूमि प्रबंधन पर

खास महाल भूमि सरकारी भूमि की एक महत्वपूर्ण श्रेणी है। इसके प्रबंधन, सर्वेक्षण और रिकॉर्ड सुधार के लिए प्रशासन समय-समय पर समीक्षा करता है।

हजारीबाग जिला प्रशासन की ओर से भी इस दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद तैयार रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अधिकारियों की रही मौजूदगी

समीक्षा बैठक में जिले के संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की जानकारी उपायुक्त के समक्ष रखी।

बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशों का पालन करते हुए तय समय सीमा में कार्य पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि खास महाल भूमि से जुड़े कार्यों में तेजी और पारदर्शिता दोनों जरूरी हैं।

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